हम लाए हैं इस बार आपके लिए साबूदाने का बड़ा और मटर का झोल बनाने की रेसिपी... पढ़ें-- लड्डू, बर्फी, खीर आदि मिठाईयां बनाने के उपयोगी टिप्स साबूदाने के आपने बहुत से व्यंजन बनाए होंगे. साबूदाने के बने हुए व्यंजन पौष्टिक भी होते हैं और व्रत आदि में भी काम आते हैं. लेकिन आप अगर व्रत के लिए बनाए तो व्रत के हिसाब से ही इसमें मसालों का प्रयोग करें. यहां हम सामान्य रूप से साबूदाने के बड़े बनाने की रेसिपी बता रहे हैं. अब आजमा कर देखिये यह रेसिपी भी.. रेसिपी-- साबूदाना बड़ा सामग्री -- 200 ग्राम साबूदाना (भिगोकर रख दें) 1 किलो आलू (उबाल लें) 250 ग्राम भुनी हुई मूंगफली (छिलके निकालकर खलबट्टे या मिक्सी में दरदरी अर्थात मोटी कूट लें) अदरक और मिर्च का पेस्ट तीन नींबू का रस आधा गड्डी धनिया बारीक कटा हुआ तेल नमक स्वाद के अनुसार विधि-- आलूओं को उबालकर छीलकर मसल लें. फिर साबूदाने का पानी अच्छी तरह से निथार कर मसले हुए आलुओं को उसमें मिलाएं. फिर अदरक मिर्च और नींबू का रस नमक और धनिया और मूंगफली भी मिला दें. अब...
जीवन में कठिनाइयां किस पर नहीं पड़ती, पीड़ा सब को झेलनी पड़ती है किन्तु एक रचनाकार या कवि अपनी पीड़ा को कला या कविता में ढाल लेता है . अपने दुःख को कविता या सृजन में बदलने की कला ही किसी भी रचनाकार की ताकत होती है जो मुसीबतों में भी उसे टूटने नहीं देती. जीवन की विषमतायें एक रचनाकार के लिये खुराक के समान होती है जिन्हें अपने सृजन में ढ़ाल वह अपनी रचना को कालजयी बनाता है. यह लेख भी पढ़ें - क्या आपको भी अपना जीवन कठिन लगता है? कैसे बनाये जीवन को आसान यह हिंदी कविता ' कांटों का जंगल' मैंने अपने ऐसे ही अनुभवों के आधार पर लिखी है। आप भले ही कवि ना हो पर यदि कविता को समझते हो तो आपको मेरी बात में सत्यता अवश्य महसूस होगी.