उत्तम स्वास्थ्य और सौन्दर्य कौन नहीं चाहता. वास्तविक सुंदरता क्या है यह हम सब लोग जानते तो हैं मगर उस और अपना ध्यान केंद्रित नहीं करते. ऊपरी तौर पर केवल सुंदर नाक नक्श, गोरे रंग को ही सुन्दरता का और शारीरिक हष्ट-पुष्टता को ही स्वास्थ्य का मापदंड मान लिया जाता है. अन्य लोगों की भी केवल बाहरी सुंदरता ही देखते हैं और स्वयं को भी ऊपरी तौर पर ही कृत्रिम प्रसाधनों द्वारा सुंदर बनाने में लगे रहते हैं. यहाँ हम वास्तविक सेहत और सुंदरता के बारे में कुछ बातें बताने जा रहे है जिन्हे पढ़ कर आप अवश्य ही लाभान्वित होंगे. वास्तविक सौंदर्य और स्वास्थ्य के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें......
जीवन में कठिनाइयां किस पर नहीं पड़ती, पीड़ा सब को झेलनी पड़ती है किन्तु एक रचनाकार या कवि अपनी पीड़ा को कला या कविता में ढाल लेता है . अपने दुःख को कविता या सृजन में बदलने की कला ही किसी भी रचनाकार की ताकत होती है जो मुसीबतों में भी उसे टूटने नहीं देती. जीवन की विषमतायें एक रचनाकार के लिये खुराक के समान होती है जिन्हें अपने सृजन में ढ़ाल वह अपनी रचना को कालजयी बनाता है. यह लेख भी पढ़ें - क्या आपको भी अपना जीवन कठिन लगता है? कैसे बनाये जीवन को आसान यह हिंदी कविता ' कांटों का जंगल' मैंने अपने ऐसे ही अनुभवों के आधार पर लिखी है। आप भले ही कवि ना हो पर यदि कविता को समझते हो तो आपको मेरी बात में सत्यता अवश्य महसूस होगी.