ले कर आये हैं हम बिल्कुल नई रेसिपी आपके लिए रसगुल्लों की सब्जी रसगुल्लों की सब्जी की रेसिपी अक्सर हम रोज वही गिनी चुनी सब्जियां खाते-खाते ऊब जाते हैं फिर हमारा मन करता है कि कोई नई चीज खाई जाए तो चलिए आज हम आपके लिए लाए हैं एक नयी सब्जी बनाने की रेसिपी जो कि रसगुल्ले से बनाई जाती है चौक गए ना आप कि भला रसगुल्लों की सब्जी भी होती है क्या भला ? तो होती है साहब, होती है. तो लीजिए पेश है आपके लिए रसगुल्लों की सब्जी ..... बनाइये, खिलाइये, खाइये,और मजा लीजिए......
जीवन में कठिनाइयां किस पर नहीं पड़ती, पीड़ा सब को झेलनी पड़ती है किन्तु एक रचनाकार या कवि अपनी पीड़ा को कला या कविता में ढाल लेता है . अपने दुःख को कविता या सृजन में बदलने की कला ही किसी भी रचनाकार की ताकत होती है जो मुसीबतों में भी उसे टूटने नहीं देती. जीवन की विषमतायें एक रचनाकार के लिये खुराक के समान होती है जिन्हें अपने सृजन में ढ़ाल वह अपनी रचना को कालजयी बनाता है. यह लेख भी पढ़ें - क्या आपको भी अपना जीवन कठिन लगता है? कैसे बनाये जीवन को आसान यह हिंदी कविता ' कांटों का जंगल' मैंने अपने ऐसे ही अनुभवों के आधार पर लिखी है। आप भले ही कवि ना हो पर यदि कविता को समझते हो तो आपको मेरी बात में सत्यता अवश्य महसूस होगी.