' काव्य' के अन्तर्गत एक गीत आपके लिए...... दिल में तेरे प्यार को मैंने गिरह बांधकर रखा है दिल में तेरे प्यार को मैंने गिरह बांधकर रखा है मत देखो कि जीवन किस सांचे में ढाल कर रखा है ऊपर से जो दिखता हूं मैं दुनिया की मेहरबानी है मेरे भीतर झांक के देखो अलग ही एक कहानी है दिल के अंदर मंदिर है दिया बाल कर रखा है दिल में तेरे प्यार को मैंने गिरह बांध कर रखा है मत देखो कि जीवन किस सांचे में ढाल कर रखा है चल-चल के थक जाता हूं मन की देहरी लँघ लेता हूं यादों में तुझ संग रो, हंस कुछ पल मैं भी जी लेता हूँ दिखता हूं कंगाल, दिल में अनमोल खजाना रखा है दिल में तेरे प्यार को मैंने गिरह बांध कर रखा है मत देखो कि जीवन किस सांचे में ढाल कर रखा है मुझको और चाहिए भी क्या जग कहे उसे जो कहना तब भी तुझे देख के जीता अब भी बस तेरा सपना मूंद लिए हैं नैन अपने पलकों में स...
जीवन में कठिनाइयां किस पर नहीं पड़ती, पीड़ा सब को झेलनी पड़ती है किन्तु एक रचनाकार या कवि अपनी पीड़ा को कला या कविता में ढाल लेता है . अपने दुःख को कविता या सृजन में बदलने की कला ही किसी भी रचनाकार की ताकत होती है जो मुसीबतों में भी उसे टूटने नहीं देती. जीवन की विषमतायें एक रचनाकार के लिये खुराक के समान होती है जिन्हें अपने सृजन में ढ़ाल वह अपनी रचना को कालजयी बनाता है. यह लेख भी पढ़ें - क्या आपको भी अपना जीवन कठिन लगता है? कैसे बनाये जीवन को आसान यह हिंदी कविता ' कांटों का जंगल' मैंने अपने ऐसे ही अनुभवों के आधार पर लिखी है। आप भले ही कवि ना हो पर यदि कविता को समझते हो तो आपको मेरी बात में सत्यता अवश्य महसूस होगी.