कौन गृहिणी कुकिंग के उपयोगी टिप्स का प्रयोग नहीं करना चाहेगी जिससे कि उसके रसोई घर में बने भोजन से पूरा परिवार तृप्ति का अनुभव करे तथा घर का हर सदस्य और घर में आने वाले मेहमान उस की पाककला की प्रशंसा करते रहे. इसके लिए महिलाएं अक्सर अपने रसोईघर में पाककला के नए-नए व्यंजन बनाती रहती है और नए नए टिप्स आजमाती रहती हैं. किंतु आजकल की कामकाजी महिलाओं को इतना समय नहीं मिल पाता कि वे रोज नए नए व्यंजन बनाए।उन्हें घर-बाहर, ऑफिस व बच्चों की पढ़ाई आदि के अन्य कार्य करने होते हैं जिससे वह चाह कर भी कुछ नया नहीं पका पाती, बस जैसे-तैसे रोजमर्रा में बनने वाला सामान्य भोजन ही बना पाती हैं किंतु उस रोजमर्रा के भोजन में भी अगर कुछ नए प्रयोग किए जाएं तो जिनमें अतिरिक्त समय भी ना लगे और रंग भी चोखा आए तो फिर बात ही क्या? भोजन बनाने के कुछ उपयोगी टिप्स-- तो फिर क्यों ना आजमायें हम महिलाएं पाककला के लिए ये कारगर टिप्स ---
जीवन में कठिनाइयां किस पर नहीं पड़ती, पीड़ा सब को झेलनी पड़ती है किन्तु एक रचनाकार या कवि अपनी पीड़ा को कला या कविता में ढाल लेता है . अपने दुःख को कविता या सृजन में बदलने की कला ही किसी भी रचनाकार की ताकत होती है जो मुसीबतों में भी उसे टूटने नहीं देती. जीवन की विषमतायें एक रचनाकार के लिये खुराक के समान होती है जिन्हें अपने सृजन में ढ़ाल वह अपनी रचना को कालजयी बनाता है. यह लेख भी पढ़ें - क्या आपको भी अपना जीवन कठिन लगता है? कैसे बनाये जीवन को आसान यह हिंदी कविता ' कांटों का जंगल' मैंने अपने ऐसे ही अनुभवों के आधार पर लिखी है। आप भले ही कवि ना हो पर यदि कविता को समझते हो तो आपको मेरी बात में सत्यता अवश्य महसूस होगी.