अधूरे प्रेम को प्रदर्शित करती एक प्रेम कहानी ..... लघु कथा सूखे गुलाब डायरी में बंद सूखे हुए गुलाब जिंदगी की हकीकत तो नहीं हो सकते किंतु गुलाब की उन सूखी पंखुड़ियों को देख हृदय सब कुछ भूल अतीत की मधुर स्मृतियों की खुशबु में कुछ पल के लिए खो जाए इतनी क्षमता तो रखते ही है. चाय का कप और जिन्दगी - कविता की वीडियो देखें आज सुबह अचानक ही कोई फाइल ढूंढ़ते हुए एक पुरानी डायरी में रखी गुलाब की कुछ सूखी पंखुड़ियां जमीन पर झर पड़ी. तभी से डा.राज का मन रह-रह कर अतीत के पन्ने पलटने लगता, अनायास ही.
जीवन में कठिनाइयां किस पर नहीं पड़ती, पीड़ा सब को झेलनी पड़ती है किन्तु एक रचनाकार या कवि अपनी पीड़ा को कला या कविता में ढाल लेता है . अपने दुःख को कविता या सृजन में बदलने की कला ही किसी भी रचनाकार की ताकत होती है जो मुसीबतों में भी उसे टूटने नहीं देती. जीवन की विषमतायें एक रचनाकार के लिये खुराक के समान होती है जिन्हें अपने सृजन में ढ़ाल वह अपनी रचना को कालजयी बनाता है. यह लेख भी पढ़ें - क्या आपको भी अपना जीवन कठिन लगता है? कैसे बनाये जीवन को आसान यह हिंदी कविता ' कांटों का जंगल' मैंने अपने ऐसे ही अनुभवों के आधार पर लिखी है। आप भले ही कवि ना हो पर यदि कविता को समझते हो तो आपको मेरी बात में सत्यता अवश्य महसूस होगी.