आप के मनोरंजन के लिए प्रस्तुत है हमारे नये स्तम्भ गीतों की जुुुुुबानी मेंं गीतों के माध्यम से रची एक मनोरंजक प्रेम कहानी- 'गीतों की जुबानी' स्तम्भ के अन्तर्गत आपके मनोरंजन के लिए हम गीतों के माध्यम से नयी नयी मनोरंजक कहानियां प्रस्तुत करेंगे. आशा है आप को हमारा यह नया स्तम्भ अवश्य पसन्द आयेगा. इस बार पढ़िये.. प्रेेम कहानी गीतों की जुबानी- मैं तो छोड़ चली बाबुल का देश ' मैं तो छोड़ चली बाबुल का देश पिया का घर प्यारा लगे' सुहाने सपनों के झूले में झूलती रचना जल्दी से जल्दी यह खबर अपनी प्यारी सखी रश्मि को सुनाने को बेताब थी. चाय का कप और जिंदगी - सुने यह कविता वीडियो के रूप में कल ही सपनों के राजकुमार सा सुंदर सजीला केशव अपनी मां के साथ उसे देखने आया था. मां बेटे को रश्मि पसन्द आ गयी थी और वे रश्मि को अँगूठी पहना कर झटपट मंगनी की रस्म भी सम्पन्न कर गये. जल्दी से जल्दी शादी की तारीख निकलवाने के लिए कह कर वो लोग चले गए थे. ' ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत कौन हो तुम बतलाओ'
जीवन में कठिनाइयां किस पर नहीं पड़ती, पीड़ा सब को झेलनी पड़ती है किन्तु एक रचनाकार या कवि अपनी पीड़ा को कला या कविता में ढाल लेता है . अपने दुःख को कविता या सृजन में बदलने की कला ही किसी भी रचनाकार की ताकत होती है जो मुसीबतों में भी उसे टूटने नहीं देती. जीवन की विषमतायें एक रचनाकार के लिये खुराक के समान होती है जिन्हें अपने सृजन में ढ़ाल वह अपनी रचना को कालजयी बनाता है. यह लेख भी पढ़ें - क्या आपको भी अपना जीवन कठिन लगता है? कैसे बनाये जीवन को आसान यह हिंदी कविता ' कांटों का जंगल' मैंने अपने ऐसे ही अनुभवों के आधार पर लिखी है। आप भले ही कवि ना हो पर यदि कविता को समझते हो तो आपको मेरी बात में सत्यता अवश्य महसूस होगी.