जी हां, आज के युग में आप की, मेरी, इसकी, उसकी भला किसकी जिंदगी का सबसे अधिक महत्वपूर्ण हिस्सा नहीं है इन्टरनेट ? Entertainment शिक्षित, अशिक्षित, बच्चे, युवा, प्रौढ़, बूढ़े हर कोई इन्टरनेट का दिवाना है और हो भी क्यों ना? क्यों कि इन्टरनेट की बदौलत ही-- 'मेरी आंखों में सिमट आया है संसार सारा क्या क्या देखूं सब ओर नजारा ही नजारा' इन्टरनेट हर किसी की जिन्दगी का एक हिस्सा
जीवन में कठिनाइयां किस पर नहीं पड़ती, पीड़ा सब को झेलनी पड़ती है किन्तु एक रचनाकार या कवि अपनी पीड़ा को कला या कविता में ढाल लेता है . अपने दुःख को कविता या सृजन में बदलने की कला ही किसी भी रचनाकार की ताकत होती है जो मुसीबतों में भी उसे टूटने नहीं देती. जीवन की विषमतायें एक रचनाकार के लिये खुराक के समान होती है जिन्हें अपने सृजन में ढ़ाल वह अपनी रचना को कालजयी बनाता है. यह लेख भी पढ़ें - क्या आपको भी अपना जीवन कठिन लगता है? कैसे बनाये जीवन को आसान यह हिंदी कविता ' कांटों का जंगल' मैंने अपने ऐसे ही अनुभवों के आधार पर लिखी है। आप भले ही कवि ना हो पर यदि कविता को समझते हो तो आपको मेरी बात में सत्यता अवश्य महसूस होगी.