बाल फुलवारी- परबाबाजी

  परबाबाजी

 गृह-स्वामिनी पर पढ़िये एक और नई  बाल कविता बालकों के लिए जिसमें एक बच्चा अपने परबाबा की पुण्यतिथि पर सपनों में आकर मिलने के लिए कह रहा है....

परबाबा की पुण्यतिथि पर बालकविता


हमने आपको देखा नहीं परबाबाजी
पर बाबा कहते हैं 
बहुत ही अच्छे इंसान थे आप 
कभी कभी सपनों में आकर 
हमसे भी तो करिए कुछ बात 
हम सपनों में देखेंगे कि
फोटो वाले परबाबा से
कितने हैं मिलते जुलते आप
सच में ही इतने अच्छे होंगे आप
जो आज कर रहे सब आपको याद
आपके गुण हम सब से
कहती रहती हैं दादी
दादी की बातों पर हम
सब करते हैं विश्वास
दादी कहती हम से, चलें
हम आपके कदमों पर
उनकी बातों का हम
सब रखते हैं मान
हमको यह आशीष दो परबाबा जी
बन अच्छा इंसान करें 
रोशन हम आपका नाम
हमने आपको देखा नहीं परबाबाजी 
पर बाबा कहते हैं 
बहुत ही अच्छे इंसान थे आप
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