शादी का रिश्ता खट्टा-मीठा होता है। कभी प्यार, तो कभी छोटी-मोटी तकरार। आज की हमारी यह "Pati Patni Hasya Kavita" पति-पत्नी की मज़ेदार नोकझोंक पर आधारित कविता है ।
पति-पत्नी की खट्टी-मीठी और मजेदार नोकझोंक इस प्यारे रिश्ते को सदा तरोताजा बनाये रखती है।
उम्मीद है यह कविता आपके चेहरे पर मुस्कान ले आएगी
हास्य कवि तो मंच पर पत्नियों की बैंड बजा कर वाहवाही लूट मस्त रहते है पर एक हास्य कवि की पत्नी से यह बर्दाश्त न हुआ कि हमारा मजाक उड़ा पतिदेव वाहवाही लूटें।
वह भी एक कवियत्री थी। उसने भी मंच पर पतिदेव की बैंड बजाने के लिए एक हास्य कविता लिख दे मारी।
ऐसा ही कुछ दृश्य इस कविता की विषय वस्तु हैं.
आप भी हास्य कवि की कवियत्री पत्नी की इस Pati Patni Hasya Kavita का आनंद लें...
हास्य कविता
मैं तो बिन सुने ही हंसता हूँ
सोचा हमने, मंच, पर हम भी जमेंगे
श्रोता वाह-वाह , हम पर भी करेंगे
कसते तंज पत्नियों पे , नित्य मंचों पर
हास्य कवि पति , हमसे भी ना बचेंगे.
कविता एक हास्य की, हमने भी लिख मारी
कहा इनसे सुनो जी , बोले आयी आफत हमारी
पता था हमको यह, कि नौटंकी जरूर करेंगे
नहीं हिम्मत मगर इतनी, कि कविता ना सुनेंगे.
कहा हमने बोरिंग नहीं, कविता हंसने वाली है
बोले तपाक से अच्छा, बीवी नहीं है साली है
सोचा उकसायें भले कितना, हम नहीं लड़ेंगे
कविता मगर इन्हें सुना के रहेंगे, हम ना टरेंगे
कहा मैंने, हम बात, कविता की करते हैँ
दिल्ली वाली, भई उसपे, तो हम भी मरते हैँ
बाँध सब्र का टूट ही, गया अब ना सहेंगे
खबर इनकी अब हम, बस लेकर ही रहेंगे
फाड़ कविता का पन्ना, इनके मुंह पे दे मारा
इनके भीतर का कवि, अब कांप गया बेचारा
उड़ रहे थे बहुत आसमां पर अब नीचे उतरेंगे
खींसे निपोरेंगे, कान पकड़ेंगे, खुशामद भी करेंगे
अरे डार्लिंग मैं तो यूं ही, तुमसे मजाक करता हूँ
श्रोता तो सुनके हँसेंगे मैं, बिन सुने ही हँसता हूँ
कान पकड़, दंड बैठक कर वाह वाह करता हूँ
निकल गयी हेकड़ी सारी अब ना चूँ -चां करेंगे
मुंह पे उंगली रख अब चुपचाप कविता सुनेंगे
आप को कैसी लगी यह कविता। कमेंट बॉक्स में कमेंट अवश्य करें।

4 टिप्पणियाँ
मित्रों पति-पत्नी की नोंक झोंक में सबसे बढि़या बात हो पति भले ही अपनी पत्नी को बेचारी बना कर रखेे पर सदा अपनी बेचारगी पर रोते हुए दिखता है। भइया इतने ही बेचारे हो तो जरा दो चार सप्ताह पत्नी के बिना रहकर दिखाओ न।
जवाब देंहटाएंSahi pakde hai
हटाएंमित्रों पति-पत्नी की नोंक झोंक में सबसे बढि़या बात हो पति भले ही अपनी पत्नी को बेचारी बना कर रखेे पर सदा अपनी बेचारगी पर रोते हुए दिखता है। भइया इतने ही बेचारे हो तो जरा दो चार सप्ताह पत्नी के बिना रहकर दिखाओ न।
जवाब देंहटाएंNice poetry
जवाब देंहटाएंअपनी प्रतिक्रियाएं अवश्य दीजिए.....